नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026। दिल्ली में छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार दिल्ली PG आवास ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने की तैयारी कर रही है। इस पोर्टल के माध्यम से राजधानी में संचालित पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की जानकारी एकत्र करने और उनकी निगरानी को व्यवस्थित बनाने की योजना है।
दिल्ली PG आवास ऑनलाइन पोर्टल से बढ़ेगी सुरक्षा
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को हुई उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में पीजी आवासों की डिजिटल मैपिंग पर जोर दिया गया।
प्रस्तावित पोर्टल से पीजी संचालकों, आवासों की क्षमता और सुरक्षा सुविधाओं का रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पंजीकरण के अंतिम नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं।
तीन दिनों में 100 पीजी आवासों की जांच
दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की संयुक्त टीमों को 100 चिह्नित संपत्तियों का तीन दिनों में निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और नियमों के पालन की जांच महत्वपूर्ण रहेगी।
साथ ही, पीजी परिसरों में सीसीटीवी निगरानी पर भी जोर दिया गया है।
सरकार पीजी आवासों के नियमन और सुरक्षा के लिए नया कानून लाने की दिशा में भी काम कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: दिल्ली PG आवास ऑनलाइन पोर्टल का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: पीजी आवासों की डिजिटल जानकारी जुटाना और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना।
प्रश्न 2: क्या पीजी संचालकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा?
उत्तर: पंजीकरण संबंधी अनिवार्य नियम आधिकारिक अधिसूचना के बाद स्पष्ट होंगे।
प्रश्न 3: पोर्टल कब शुरू होगा?
उत्तर: इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
