तिरुवनंतपुरम, 13 अक्टूबर 2026। केरल विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रस्ताव में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव क्यों लाया गया?
केरल विधानसभा में पेश प्रस्ताव के पीछे मतदाता सूची संशोधन को लेकर उठी आपत्तियां प्रमुख कारण हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है।
इसके अलावा चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।
क्या विधानसभा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटा सकती है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विशेष संवैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है।
केवल राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जा सकता। इसके लिए संसद की निर्धारित प्रक्रिया और विशेष बहुमत आवश्यक है।
यह मामला चुनावी पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी बहस को सामने लाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किस राज्य में पारित हुआ?
उत्तर: केरल विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित हुआ।
प्रश्न 2: क्या ज्ञानेश कुमार को पद से हटा दिया गया है?
उत्तर: नहीं। विधानसभा का प्रस्ताव पारित होने से उनकी पदमुक्ति नहीं होती।
प्रश्न 3: SIR क्या है?
उत्तर: SIR मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करना है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
