नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026। इजरायल में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संसदीय चुनाव के बाद किसी प्रमुख गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
इजरायल में सरकार गठन के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी
इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सदस्य हैं। सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक है। चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, उनके समर्थक गठबंधन को बहुमत नहीं मिला।
दूसरी ओर विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट भी सरकार बनाने की कोशिश में हैं। छोटे राजनीतिक दलों का समर्थन इस प्रक्रिया में निर्णायक हो सकता है।
राष्ट्रपति हर्जोग ने राजनीतिक दलों से किया परामर्श
राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने 5 नवंबर को संसदीय दलों के साथ परामर्श पूरा किया।
इस दौरान 67 सांसदों वाले दलों ने गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने का अवसर देने की सिफारिश की। वहीं, 46 सांसदों वाले दलों ने नेतन्याहू का समर्थन किया।
हालांकि, सिफारिश मिलने का अर्थ गठबंधन में शामिल होना नहीं है।
राष्ट्रपति 8 नवंबर को किसी नेता को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
इजरायल में सरकार गठन की प्रक्रिया का असर मध्य पूर्व की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: इजरायल में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए?
उत्तर: नेसेट की 120 सीटों में से 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
प्रश्न 2: राष्ट्रपति की क्या भूमिका है?
उत्तर: राष्ट्रपति दलों से परामर्श करके सरकार बनाने में सक्षम सांसद को जिम्मेदारी सौंपते हैं।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
