उत्तराखंड में Uttarakhand Cyber Attack की घटना ने सरकारी डिजिटल सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष समेत 10 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों की वेबसाइटें अचानक बंद हो गईं। शुरुआती जांच में मालवेयर अटैक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आईटीडीए (ITDA) की साइबर सुरक्षा टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैकअप सिस्टम की मदद से अधिकांश वेबसाइटों को दोबारा चालू कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित विभागों में लोक निर्माण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, राज्य कर विभाग और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पोर्टल शामिल हैं। तकनीकी टीम फिलहाल लॉग और सर्वर की गहन जांच कर रही है ताकि हमले की असली वजह का पता लगाया जा सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी उत्तराखंड को बड़े साइबर हमले का सामना करना पड़ा था, जब लगभग 90 सरकारी वेबसाइटें प्रभावित हुई थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए थे। इस बार बैकअप सिस्टम सक्रिय होने के कारण सेवाओं को अपेक्षाकृत जल्दी बहाल कर लिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल युग में सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा लगातार मजबूत करना जरूरी है। नियमित सुरक्षा ऑडिट, मल्टी-लेयर प्रोटेक्शन और बैकअप सिस्टम भविष्य में ऐसे हमलों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट: Nitin Kumar | Rashtriya Mission
FAQ (हिंदी)
Q1. Uttarakhand Cyber Attack क्या है?
उत्तराखंड की कई सरकारी वेबसाइटों पर हुआ साइबर हमला, जिससे ऑनलाइन सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं।
Q2. कितनी वेबसाइटें प्रभावित हुईं?
मुख्यमंत्री राहत कोष सहित लगभग 10 सरकारी वेबसाइटें प्रभावित हुईं।
Q3. वेबसाइटें दोबारा कैसे चालू हुईं?
आईटीडीए ने सुरक्षित बैकअप सिस्टम की मदद से अधिकांश वेबसाइटों को बहाल किया।
Q4. क्या डेटा लीक हुआ है?
अब तक किसी बड़े डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच जारी है।
