22 सितंबर 2026 को शुरू हुई UN General Assembly की General Debate में Middle East संकट प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहा। अमेरिका-ईरान तनाव, गाजा की मानवीय स्थिति, यमन संघर्ष और समुद्री सुरक्षा पर वैश्विक नेताओं ने अपनी-अपनी चिंताएं सामने रखीं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने क्षेत्र में संघर्ष कम करने, मानवीय सहायता पहुंचाने और बातचीत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
Middle East संकट और अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने UNGA में खास ध्यान खींचा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि 22 सितंबर तक कोई बैठक तय नहीं हुई थी। वहीं, गाजा की मानवीय स्थिति पर भी चर्चा हुई। कतर, मिस्र, जॉर्डन, UAE, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने सुरक्षित और बिना रुकावट मानवीय सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
यमन संकट भी बना चिंता का कारण
यमन में बढ़ती लड़ाई ने Middle East संकट को और गंभीर बनाया है। UNHCR के मुताबिक सितंबर की शुरुआत से 1.30 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ चुके थे।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
सवाल: UN General Assembly में Middle East के कौन से मुद्दे चर्चा में रहे?
जवाब: अमेरिका-ईरान तनाव, गाजा, यमन और समुद्री सुरक्षा प्रमुख विषयों में शामिल रहे।
सवाल: यमन में कितने लोग विस्थापित हुए?
जवाब: UNHCR के अनुसार सितंबर की शुरुआत से 1.30 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।
