रूस के Kursk Nuclear Power Plant की cooling tower पर ड्रोन टकराने की सूचना सामने आई है। International Atomic Energy Agency (IAEA) के अनुसार, उसे इस घटना की जानकारी दी गई है। राहत की बात यह है कि घटना के बाद संबंधित reactor unit के operating mode में किसी बदलाव की सूचना नहीं मिली। आग लगने की भी खबर नहीं है। Kursk Nuclear Plant Drone Hit के बाद परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। IAEA ने बताया कि घटना के समय संबंधित reactor unit संचालन में थी। हालांकि, ड्रोन की घटना के बावजूद उसके operating mode में बदलाव नहीं हुआ।
Kursk Nuclear Plant Drone Hit पर IAEA की नजर
IAEA परमाणु संयंत्र से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। एजेंसी लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच nuclear facilities के आसपास सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता जताती रही है। वहीं, उपलब्ध जानकारी में ड्रोन किस पक्ष का था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी पक्ष को जिम्मेदार ठहराना फिलहाल उचित नहीं होगा। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के आसपास होने वाली ऐसी घटनाएं सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जाती हैं। Cooling tower संयंत्र की heat-management व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। हालांकि, cooling tower पर प्रभाव पड़ने का अर्थ अपने आप reactor core को नुकसान पहुंचना नहीं होता। फिलहाल Kursk Nuclear Plant Drone Hit के बाद reactor operation में बदलाव या आग लगने की सूचना सामने नहीं आई है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
Kursk Nuclear Plant में क्या हुआ?
IAEA को जानकारी दी गई कि प्लांट की cooling tower पर एक ड्रोन टकराया।
क्या reactor का संचालन प्रभावित हुआ?
IAEA के मुताबिक reactor unit के operating mode में बदलाव की सूचना नहीं थी।
क्या cooling tower में आग लगी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार आग लगने की सूचना नहीं मिली।
