अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 सितंबर 2026 को Trump Russia Sanctions Bill 2026 से जुड़े H.R. 5334 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। इसका आधिकारिक नाम “Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026” है। White House के अनुसार, कानून रूस के खिलाफ sanctions, tariffs और अन्य प्रतिबंधों की वैधानिक शक्तियों का विस्तार करता है। साथ ही Iran पर मौजूदा sanctions को आगे बढ़ाता है।
Trump Russia Sanctions Bill 2026 में क्या बदला?
नए कानून का प्रमुख फोकस रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। इसमें रूसी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और सरकार से जुड़े कुछ लोगों तथा संस्थाओं पर कार्रवाई के प्रावधान शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन ने पहले कहा था कि कानून रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को पर दबाव बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अधिकार उपलब्ध कराता है। Reuters के अनुसार, कानून रूस के तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक tariff लगाने की शक्ति देता है। इसलिए भारत और चीन जैसे बड़े रूसी ऊर्जा खरीदारों पर इसके संभावित असर को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि 100 प्रतिशत tariff को हर देश पर तत्काल लागू tariff नहीं समझना चाहिए। वास्तविक असर अमेरिकी प्रशासन के implementation पर निर्भर करेगा।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
Trump Russia Sanctions Bill 2026 कब कानून बना?
Donald Trump ने 18 सितंबर 2026 को इस पर हस्ताक्षर किए।
क्या भारत पर 100% tariff लग गया है?
कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को कुछ बड़े Russian energy buyers पर 100 प्रतिशत तक tariff लगाने की शक्ति देता है; वास्तविक लागू दर प्रशासनिक फैसलों पर निर्भर करेगी।
