Uttarakhand High Court के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस सुभाष उपाध्याय को स्थायी न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। यह उत्तराखंड की न्यायपालिका से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
Uttarakhand High Court में मई 2025 से हैं अतिरिक्त जज
जस्टिस सुभाष उपाध्याय ने 30 मई 2025 को Uttarakhand High Court के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था। इससे पहले उनका लंबा कानूनी अनुभव रहा है। उत्तराखंड हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 1998 में अधिवक्ता के रूप में अपना कानूनी करियर शुरू किया था। उन्होंने सिविल, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में वकालत की। इसके अलावा वह उत्तराखंड सरकार के लिए विभिन्न कानूनी जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें High Court Permanent Judge नियुक्त करने की सिफारिश की है। हालांकि, यह अभी सिफारिश है। निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया और औपचारिक नियुक्ति के बाद ही स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति प्रभावी होगी।
FAQ
सवाल: जस्टिस सुभाष उपाध्याय अतिरिक्त जज कब बने थे?
जवाब: उन्होंने 30 मई 2025 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था।
सवाल: क्या उनकी स्थायी नियुक्ति हो चुकी है?
जवाब: अभी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने स्थायी नियुक्ति की सिफारिश की है।
