बच्चों की Smell Education क्यों जरूरी? सूंघने की क्षमता पर वैज्ञानिक ने बताई अहम बात

बच्चों की Smell Education और सूंघने की क्षमता से जुड़ी खबर को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर। विशेषज्ञ बच्चों को अलग-अलग aromas पहचानने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कर रहे हैं।बच्चों की Smell Education से अलग-अलग aromas और गंध पहचानने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।

बच्चों की पढ़ाई में आंखों और कानों के साथ नाक की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। गंध के इतिहास पर शोध करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के डॉ. विल टुलेट का मानना है कि बच्चों की Smell Education पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे बच्चे अलग-अलग गंध पहचानने के साथ अपने आसपास की दुनिया को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। डॉ. टुलेट के अनुसार, वायु प्रदूषण लोगों की सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। वहीं, आज घरों, कारों और कई रोजमर्रा के उत्पादों में synthetic scents का इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे में प्राकृतिक और कृत्रिम गंध के बीच अंतर समझने की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

बच्चों की Smell Education कैसे हो सकती है मददगार?

बच्चों को फल, फूल, मसाले, मिट्टी और अन्य सुरक्षित चीजों की गंध पहचानने का अभ्यास कराया जा सकता है। इससे उनका smell vocabulary बढ़ सकता है। वे अलग-अलग aromas की तुलना करना भी सीख सकते हैं। गंध हमारी यादों और भावनाओं से भी जुड़ी होती है। किसी भोजन, बारिश की मिट्टी या फूल की खुशबू पुरानी यादें ताजा कर सकती है। इसलिए बच्चों की Smell Education उन्हें अपनी भावनाओं और अनुभवों को समझने का एक नया तरीका दे सकती है। विशेषज्ञ का यह भी कहना है कि गंध भोजन की ताजगी से जुड़े संकेत दे सकती है। हालांकि, food safety के आधिकारिक निर्देशों को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।

NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION

FAQ

क्या बच्चों को Smell Education दी जा सकती है?
हां, सुरक्षित वस्तुओं की अलग-अलग गंध पहचानने का अभ्यास कराया जा सकता है।

क्या प्रदूषण सूंघने की क्षमता को प्रभावित करता है?
शोध में वायु प्रदूषण और olfactory ability के बीच संबंध देखा गया है।

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