नई दिल्ली। बार-बार असफल होने के बाद भी कोशिश जारी रखी जाए तो सफलता मिल सकती है। Vivek Yadav UPSC Success Story इसी हौसले और मेहनत की प्रेरक कहानी है। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी निवासी विवेक यादव ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता के बाद UPSC में सफलता हासिल की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विवेक यादव के पिता ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी शिक्षा में पूरा सहयोग किया। विवेक ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की। दिल्ली में रहने के दौरान उन्होंने खर्च संभालने के लिए ट्यूशन भी पढ़ाया।
Vivek Yadav UPSC Success Story में असफलता बनी सीख
सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान विवेक ने कई परीक्षाएं दीं। अलग-अलग रिपोर्ट्स में उनकी असफल परीक्षाओं की संख्या करीब 18 से 20 बताई गई है। एक समय वह इतने निराश हुए कि ट्रेन में रोते हुए परीक्षा से जुड़े कागज फाड़ दिए। हालांकि विवेक ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और तैयारी जारी रखी। UPSC CSE 2024 में उन्होंने AIR 413 हासिल की। इसके बाद UPSC CSE 2025 में AIR 487 हासिल कर IPS बनने के अपने लक्ष्य की ओर बड़ी सफलता पाई। Vivek Yadav UPSC Success Story प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बताती है कि असफलता के बाद रणनीति सुधारना और लगातार मेहनत करना बेहद जरूरी है।
लेखक: NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
विवेक यादव कौन हैं?
विवेक यादव मध्य प्रदेश के चंदेरी के रहने वाले UPSC सफल अभ्यर्थी हैं।
विवेक यादव की UPSC रैंक क्या रही?
UPSC CSE 2024 में AIR 413 और CSE 2025 में AIR 487 रही।
विवेक यादव के पिता क्या करते हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता ड्राइवर के रूप में काम करते हैं।
