नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026। राजधानी में दिल्ली की हवा खराब होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। रविवार, 1 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 261 दर्ज किया गया। यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार ‘खराब’ श्रेणी में आता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर को भी वायु गुणवत्ता खराब बनी रह सकती है।
दिल्ली की हवा खराब होने के प्रमुख कारण
सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगती है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक उत्सर्जन इसके प्रमुख कारण हैं।
इसके अलावा, हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष दिन के प्रदूषण में अलग-अलग स्रोतों की हिस्सेदारी वैज्ञानिक जांच से ही स्पष्ट होती है।
AQI 261 से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा?
AQI 201 से 300 के बीच होने पर वायु गुणवत्ता खराब मानी जाती है। ऐसी स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से प्रभावित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रदूषण बढ़ने पर बाहरी गतिविधियां सीमित करने की सलाह देते हैं।
जरूरत पड़ने पर सही फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगले दो दिनों का प्रदूषण पूर्वानुमान
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को भी प्रदूषण से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।
हालांकि, हवा की गति और मौसम में बदलाव से AQI प्रभावित हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: रविवार को दिल्ली का AQI कितना था?
उत्तर: रविवार, 1 नवंबर 2026 को AQI 261 दर्ज किया गया।
प्रश्न 2: क्या 3 नवंबर को प्रदूषण कम होगा?
उत्तर: पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर को भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में रह सकती है।
प्रश्न 3: प्रदूषण से कैसे बचें?
उत्तर: स्थानीय AQI जांचें, अधिक प्रदूषण में बाहरी व्यायाम सीमित करें और जरूरत पड़ने पर N95 मास्क पहनें।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
