नई दिल्ली। Delhi High Court ने राजधानी में ईसाई समुदाय के लिए कब्रिस्तानों और दफन स्थलों की कथित कमी से जुड़े मामले पर दिल्ली सरकार, MCD और DDA से जवाब मांगा है। कोर्ट ने MCD को उसके अधिकार क्षेत्र में मौजूद ईसाई कब्रिस्तानों की संख्या और वहां उपलब्ध जगह का विवरण पेश करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत मृतकों के अंतिम संस्कार और दफन के लिए निर्धारित स्थानों का नियमन और रखरखाव MCD की जिम्मेदारियों में शामिल है।
Delhi High Court में जनहित याचिका
यह जनहित याचिका Legal Christians Action Committee की ओर से दाखिल की गई है। इसमें दिल्ली में ईसाई समुदाय के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान कर नया कब्रिस्तान विकसित करने की मांग की गई है। याचिका में बुराड़ी, पटेल चेस्ट, पहाड़गंज, मंगोलपुरी और पृथ्वीराज रोड स्थित कब्रिस्तानों का उल्लेख किया गया है। दावा है कि इनमें से कई स्थान अपनी क्षमता तक पहुंच चुके हैं या वहां बहुत कम जगह बची है। याचिकाकर्ता के अनुसार, जगह की कमी के कारण कुछ परिवारों को अपने परिजनों के पार्थिव शरीर दफनाने के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश तक ले जाना पड़ता है। DDA ने पहले खजूरी खास समेत तीन संभावित स्थानों पर विचार किया था। हालांकि, बाद में खजूरी खास की जमीन भी आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं बताई गई। Delhi High Court अब इस मामले में 4 नवंबर को अगली सुनवाई करेगा।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
सवाल: Delhi High Court ने MCD से क्या मांगा है?
जवाब: कोर्ट ने ईसाई कब्रिस्तानों की संख्या और वहां उपलब्ध दफन स्थान का विवरण मांगा है।
सवाल: अगली सुनवाई कब होगी?
जवाब: मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित है।
