Nitin Kumar | Rashtriya Mission
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में Ghaziabad Roof Collapse की घटना के बाद फायर विभाग ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पारस हार्डवेयर एंड सैनिटरी शॉप की छत गिरने के समय इमारत में छह लोग मौजूद थे। इनमें तीन लोग मलबे में फंस गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल कुमार के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को ट्रोनिका सिटी फायर स्टेशन को हादसे की सूचना मिली। इसके बाद लोनी क्षेत्र में तैनात फायर टेंडर को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। ट्रोनिका सिटी से दूसरा फायर वाहन और वैशाली फायर स्टेशन से डिजास्टर रेस्क्यू वैन भी पहुंची।
Ghaziabad Roof Collapse में JCB से हटाया गया मलबा
पुलिस और फायर सर्विस ने दो लोगों को जल्द बाहर निकाल लिया। उन्हें मामूली चोटें आईं और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि, तीसरा व्यक्ति मलबे के काफी अंदर फंसा था।
बचाव दल ने JCB की मदद से मलबा हटाया। साथ ही दोनों तरफ से दीवार तोड़कर रास्ता बनाया गया। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद तीसरे व्यक्ति को बाहर निकाला गया। उसे एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद फायर अधिकारियों ने प्रभावित दुकानों को सुरक्षित कर बंद करा दिया। उपलब्ध जानकारी में छत गिरने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की गई है।
FAQ
सवाल: Ghaziabad Roof Collapse में कितने लोग फंसे थे?
जवाब: हादसे में तीन लोग मलबे में फंस गए थे।
सवाल: रेस्क्यू ऑपरेशन कितनी देर चला?
जवाब: तीसरे व्यक्ति को निकालने में करीब डेढ़ से दो घंटे लगे।
सवाल: हादसा कहां हुआ?
जवाब: घटना लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की पारस हार्डवेयर एंड सैनिटरी शॉप में हुई।
