गाजियाबाद/मोदीनगर। गांधीनगर लंकापुरी और आसपास की कॉलोनियों में कूड़े को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का दावा है कि करीब 15 साल से यहां कूड़ा डाला जा रहा है। लगातार कचरा जमा होने से बड़ा ढेर बन गया है। इससे महेंद्रपुरी, सी-लाइन और गांधीनगर लंकापुरी समेत आसपास रहने वाले करीब 20 हजार लोग प्रभावित होने की बात कह रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, Modinagar Garbage Problem बरसात और गर्मी में ज्यादा गंभीर हो जाती है। बारिश के दौरान दुर्गंध बढ़ने के साथ जलभराव की समस्या सामने आती है। लोगों का दावा है कि पानी के साथ सांप और दूसरे जहरीले जीव भी घरों के पास पहुंच जाते हैं।

वहीं, गर्मी में कूड़े में आग लगने की घटनाओं से धुआं फैलने की शिकायत है। निवासियों ने सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने की बात भी कही है। हालांकि, मोदीनगर के चेयरमैन विनोद वैशाली का कहना है कि नगर में चार MRF सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें एक लंकापुरी में है। उनके अनुसार पुराने कूड़े के ढेर को खत्म किया जा चुका है और MRF सेंटर के जरिए कचरे का निस्तारण हो रहा है। गड्ढों में नालों से निकलने वाली सिल्ट डालकर भराव भी कराया जा रहा है।
Byline: NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
FAQ
सवाल: लंकापुरी में लोगों की मुख्य शिकायत क्या है?
जवाब: स्थानीय लोगों की मुख्य शिकायत कूड़े की दुर्गंध, जलभराव, धुएं और गहरे गड्ढों को लेकर है।
सवाल: नगर निकाय का क्या कहना है?
जवाब: चेयरमैन के अनुसार MRF सेंटर के जरिए कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है और पुराना बड़ा ढेर हटाया जा चुका है।
