नोएडा, 3 नवंबर 2026। नोएडा बिल्डिंग नियमावली 2026 को मंजूरी मिलने के बाद शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशंस 2026 से ऊंची इमारतों, बड़े आवासीय परिसरों और अधिक घनत्व वाले विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
नई व्यवस्था में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), भवन निर्माण और नक्शा स्वीकृति से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इनका वास्तविक लाभ अधिसूचित नियमों और परियोजना की पात्रता पर निर्भर करेगा।
नोएडा बिल्डिंग नियमावली 2026 में क्या है खास?
नई नियमावली के तहत 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित पात्र ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर FAR सीमा में बदलाव का प्रावधान है। इससे डेवलपर्स को अधिक निर्माण क्षेत्र विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
इसके अलावा, भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इससे नई परियोजनाओं की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।
घर खरीदारों और निवेशकों पर असर
नए नियमों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि, अधिक निर्माण के साथ पार्किंग, जलापूर्ति, यातायात और अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी होगी।
घर खरीदारों को निवेश से पहले RERA पंजीकरण, स्वीकृत नक्शे और परियोजना की कानूनी स्थिति जांचनी चाहिए।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: नोएडा बिल्डिंग नियमावली 2026 क्या है?
उत्तर: यह भवन निर्माण, FAR और शहरी विकास से जुड़े नियमों की नई व्यवस्था है।
प्रश्न 2: क्या नोएडा में ऊंची इमारतें बन सकेंगी?
उत्तर: पात्र परियोजनाओं में अधिक निर्माण संभव हो सकता है। हालांकि, सुरक्षा और अन्य स्वीकृतियां जरूरी रहेंगी।
प्रश्न 3: क्या प्रॉपर्टी की कीमतें कम होंगी?
उत्तर: कीमतों पर असर मांग, आपूर्ति, निर्माण लागत और लोकेशन पर निर्भर करेगा।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
