UP बिजली संकट के बीच 2,550 MW उत्पादन क्षमता वापस आने से सप्लाई सुधरने की उम्मीद।UP बिजली संकट के बीच 2,550 MW उत्पादन क्षमता वापस आने से सप्लाई सुधरने की उम्मीद।

उत्तर प्रदेश में जारी UP बिजली संकट के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। कई बंद बिजली उत्पादन इकाइयों को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। इन यूनिटों के चालू होने से अगले एक-दो दिनों में करीब 2,550 MW उत्पादन क्षमता वापस मिलने की उम्मीद है। 15 सितंबर को प्रदेश में पीक बिजली मांग करीब 29,800 MW तक पहुंची थी। इसके मुकाबले लगभग 27,000 MW बिजली की आपूर्ति उपलब्ध थी। मांग और सप्लाई के इस अंतर ने बिजली प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी।

UP बिजली संकट में क्यों आई परेशानी?

कई generating units के बंद होने और उत्पादन प्रभावित होने से बिजली की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा कोयले की आपूर्ति और तकनीकी कारणों का असर भी कुछ उत्पादन इकाइयों पर पड़ा। अब बंद यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यदि करीब 2,550 MW क्षमता समय पर वापस आती है, तो पीक समय में बिजली की कमी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि बिजली की स्थिति मांग, उत्पादन और पावर एक्सचेंज में उपलब्धता पर भी निर्भर करेगी। इसलिए आने वाले एक-दो दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।

NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION

FAQ

सवाल: UP बिजली संकट में राहत कब मिल सकती है?
जवाब: बंद generating units शुरू होने पर अगले एक-दो दिनों में बिजली उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

सवाल: कितनी उत्पादन क्षमता वापस आने की उम्मीद है?
जवाब: करीब 2,550 MW क्षमता दोबारा उपलब्ध होने की तैयारी है।

सवाल: 15 सितंबर को बिजली की मांग कितनी थी?
जवाब: पीक डिमांड करीब 29,800 MW थी, जबकि सप्लाई लगभग 27,000 MW रही।

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