देहरादून। उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए शुल्क निर्धारित कर दिए हैं। उत्तराखंड बिजली कनेक्शन नियम में यह बदलाव 1 नवंबर 2026 से लागू होगा।
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को शुल्क निर्धारण के लिए अलग से स्थल निरीक्षण और लागत आकलन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आवेदन के समय ही निर्धारित शुल्क जमा किया जा सकेगा।
उत्तराखंड बिजली कनेक्शन नियम: जानें नई दरें
आयोग के अनुसार, 25 से 50 किलोवाट तक घरेलू कनेक्शन का सर्विस लाइन शुल्क 9,000 रुपये और गैर-घरेलू कनेक्शन का 22,500 रुपये होगा।
वहीं, 50 से 75 किलोवाट तक यह शुल्क क्रमशः 12,000 और 30,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, 75 से 150 किलोवाट तक घरेलू उपभोक्ताओं को 18,000 रुपये और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को 45,000 रुपये सर्विस लाइन शुल्क देना होगा।
प्रीपेड मीटर और लाइन विस्तार पर नए प्रावधान
आयोग ने प्रीपेड मीटर वाले नए कनेक्शन पर प्रारंभिक सुरक्षा राशि नहीं लेने का फैसला किया है। इससे उपभोक्ताओं का शुरुआती खर्च कम होगा।
हालांकि, मौजूदा बिजली लाइन से 300 मीटर से अधिक विस्तार की जरूरत होने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
संबंधित अधिकारी 15 दिनों के भीतर इसकी जानकारी देंगे।
इसके अतिरिक्त, एलटी मीटरिंग की अधिकतम सीमा 75 से बढ़ाकर 150 किलोवाट कर दी गई है।
आवश्यक क्षमता का ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होने पर यूपीसीएल बिना
अतिरिक्त वित्तीय भार डाले अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. नए बिजली कनेक्शन नियम कब लागू होंगे?
उत्तर: 1 नवंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होगी।
प्रश्न 2. क्या प्रीपेड मीटर पर सुरक्षा राशि लगेगी?
उत्तर: नहीं, प्रारंभिक सुरक्षा राशि नहीं ली जाएगी।
प्रश्न 3. नई शुल्क व्यवस्था कितनी क्षमता तक लागू होगी?
उत्तर: 150 किलोवाट या 176 केवीए तक के कनेक्शन पर।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
