नैनीताल, 16 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने टिहरी गढ़वाल के चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन लोगों की हत्या के दोषी संजय सिंह की मौत की सजा रद्द कर दी है। साथ ही राज्य सरकार को उसके मानसिक स्वास्थ्य का उचित उपचार कराने का निर्देश दिया है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ट्रिपल मर्डर केस में क्या हुआ?
यह मामला 13 दिसंबर 2014 का है। टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव में संजय सिंह पर अपनी मां, बड़े भाई और गर्भवती भाभी की हत्या का आरोप लगा था।
निचली अदालत ने अगस्त 2021 में संजय सिंह को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
मानसिक स्वास्थ्य बना फैसले का अहम आधार
सुनवाई के दौरान दोषी की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं पर विचार किया।
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने मौत की सजा रद्द करते हुए
मानसिक उपचार कराने और स्वस्थ होने के बाद रिहाई के निर्देश दिए।
यह फैसला गंभीर आपराधिक मामलों में मानसिक स्वास्थ्य के कानूनी महत्व को सामने लाता है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक बीमारी अपने आप उसे आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: ट्रिपल मर्डर की घटना कब हुई थी?
उत्तर: यह घटना 13 दिसंबर 2014 को टिहरी गढ़वाल में हुई थी।
प्रश्न 2: हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
उत्तर: अदालत ने फांसी की सजा रद्द कर मानसिक उपचार कराने के निर्देश दिए।
प्रश्न 3: मामले में दोषी कौन है?
उत्तर: प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दोषी का नाम संजय सिंह है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
