नोएडा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क परियोजना के लिए प्राधिकरण ने मास्टर डेवलपर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस पहल से आईटी कंपनियों, स्टार्टअप और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नोएडा AI सिटी में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित परियोजना में आईटी सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अनुसंधान और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुल निर्मित क्षेत्र का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा आईटी और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए निर्धारित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
मास्टर डेवलपर चयन की प्रक्रिया कैसे होगी?
प्राधिकरण परियोजना के लिए प्रतिस्पर्धात्मक ई-बिडिंग प्रक्रिया अपनाने की तैयारी कर रहा है।
प्रस्तावित DBFOT मॉडल के तहत चयनित डेवलपर निर्माण, वित्तपोषण और संचालन की जिम्मेदारी संभाल सकता है।
परियोजना के लिए शुरुआती 45 वर्ष की रियायती संचालन अवधि प्रस्तावित है।
हालांकि, अंतिम शर्तें आधिकारिक निविदा दस्तावेजों से स्पष्ट होंगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: नोएडा AI सिटी का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: आधुनिक तकनीक, आईटी कंपनियों, अनुसंधान और कारोबारी निवेश को बढ़ावा देना।
प्रश्न 2: क्या परियोजना का निर्माण शुरू हो गया है?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मास्टर डेवलपर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। निर्माण शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
