गाजियाबाद। छठ पूजा 2026 से पहले हिंडन नदी की सफाई को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को नदी और पूजा घाटों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
छठ पूजा से पहले घाटों की सफाई पर विशेष ध्यान
छठ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए नदी किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की स्वच्छता और सुरक्षा बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे जमा कचरा और जलकुंभी हटाना भी महत्वपूर्ण है।
हिंडन नदी की सफाई से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
छठ पूजा समितियों ने प्रशासन से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने और घाटों की व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए प्रकाश, पेयजल और सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाएं भी आवश्यक हैं।
नगर निकायों और अन्य विभागों के बीच समन्वय से तैयारियों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, नदी के पानी की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पर्व 13 नवंबर को नहाय-खाय से शुरू होगा।
वहीं, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: हिंडन नदी की सफाई के निर्देश किसने दिए?
उत्तर: गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रश्न 2: छठ पूजा 2026 में संध्या अर्घ्य कब है?
उत्तर: संध्या अर्घ्य 15 नवंबर 2026 को दिया जाएगा।
प्रश्न 3: घाटों पर किन सुविधाओं की जरूरत है?
उत्तर: स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल, सुरक्षित रास्ते और कचरा निस्तारण की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
