गाजियाबाद। गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में अवैध निर्माण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने सोसायटी के दो 10 मंजिला टावरों को पूरी तरह ध्वस्त करने और चार अन्य टावरों की अवैध अतिरिक्त मंजिलें हटाने के निर्देश दिए हैं।
गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में किन टावरों पर कार्रवाई?
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, हाईकोर्ट ने टावर संख्या 27 और 28 को पूरी तरह गिराने का आदेश दिया है। इसके अलावा टावर संख्या 16, 17, 18 और 19 की नौवीं तथा दसवीं मंजिल हटाई जाएगी।
अदालत ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को दो महीने के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा।
बिल्डर पर FIR और GDA अधिकारियों की जांच
हाईकोर्ट ने परियोजना से जुड़ी कंपनी फ्रेंड्स लैंड डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अतिरिक्त बिल्डर पर 25 लाख रुपये की लागत राशि लगाई गई है।
अदालत ने निर्माण की मंजूरी से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने को भी कहा है।
इस फैसले के बाद आवासीय परियोजनाओं में निर्माण नियमों के पालन और फ्लैट खरीदारों के अधिकारों का मुद्दा फिर चर्चा में है।
हालांकि, ध्वस्तीकरण शुरू होने और FIR दर्ज होने की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि आवश्यक है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी कहां है?
उत्तर: यह सोसायटी गाजियाबाद के मोहन नगर क्षेत्र में स्थित है।
प्रश्न 2. हाईकोर्ट ने कितने टावर गिराने का आदेश दिया?
उत्तर: दो टावर पूरी तरह और चार अन्य टावरों की अतिरिक्त मंजिलें हटाने का आदेश दिया गया है।
प्रश्न 3. कार्रवाई कौन करेगा?
उत्तर: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी दी गई है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
