नोएडा में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए भवन निर्माण नियमों में बड़ा बदलाव सामने आया है। नोएडा प्राधिकरण ने मॉडल बिल्डिंग नियमों को अपनाने की मंजूरी दी है।
इसके तहत 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों से लगे पात्र भूखंडों पर अधिकतम फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सीमा हटाने का प्रावधान है।इस फैसले से रियल एस्टेट क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, अतिरिक्त निर्माण की अनुमति अन्य तकनीकी और सुरक्षा शर्तों के अधीन रहेगी।
नोएडा FAR नियमों में क्या बदला?
FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो किसी भूखंड पर अनुमत कुल फ्लोर एरिया निर्धारित करता है। मौजूदा व्यवस्था में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए अधिकतम FAR सीमा लागू रही है।
नई व्यवस्था के तहत पात्र भूखंडों पर निर्माण क्षमता बढ़ सकती है। हालांकि,
भवन की ऊंचाई, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक मंजूरियों का पालन करना होगा।
बिल्डरों और घर खरीदारों को क्या फायदा?
इस बदलाव से डेवलपर्स को उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिल सकता है।
वहीं, भविष्य में आवासीय इकाइयों की संख्या बढ़ने से खरीदारों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
हालांकि, मकानों की कीमतें घटने की कोई गारंटी नहीं है।
परियोजना की लागत, बाजार की मांग और स्थान के अनुसार कीमतें तय होंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: नोएडा FAR नियम क्या हैं?
उत्तर: ये नियम किसी भूखंड पर अनुमत कुल निर्माण क्षेत्र निर्धारित करते हैं।
प्रश्न 2: नए नियमों का लाभ किन भूखंडों को मिलेगा?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क से लगे पात्र ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को लाभ मिल सकता है।
प्रश्न 3: क्या सभी बिल्डरों को असीमित निर्माण की अनुमति मिलेगी?
उत्तर: नहीं। अन्य भवन निर्माण, सुरक्षा और स्वीकृति संबंधी नियम लागू रहेंगे।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
