नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026। भारत में आज राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 मनाया जा रहा है। यह दिन देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती को समर्पित है। देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों देशी रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दृढ़ नेतृत्व के कारण उन्हें ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 का इतिहास और महत्व
भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और देशप्रेम की भावना बढ़ाना है।
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रन फॉर यूनिटी, शपथ ग्रहण, भाषण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा है।
सरदार पटेल का राष्ट्र निर्माण में योगदान
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और बाद में देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया।
गुजरात स्थित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी उनके ऐतिहासिक योगदान का प्रतीक है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 युवाओं को विविधता का सम्मान करने और देशहित में मिलकर काम करने की प्रेरणा देता है।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: राष्ट्रीय एकता दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को।
प्रश्न 2: राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: भारत सरकार ने वर्ष 2014 में इसकी शुरुआत की।
प्रश्न 3: वर्ष 2026 में सरदार पटेल की कौन-सी जयंती है?
उत्तर: वर्ष 2026 में उनकी 151वीं जयंती है।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
