नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026। महादेव बेटिंग ऐप केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के आरोपी प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का ओमान से प्रत्यर्पण हासिल किया है। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
महादेव बेटिंग ऐप केस में CBI की कार्रवाई
CBI के अनुसार, सौरभ चंद्राकर कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल था। उसे भारत लाने के लिए भारतीय एजेंसियां लंबे समय से प्रयास कर रही थीं।
प्रत्यर्पण प्रक्रिया में इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों ने सहयोग किया। अब जांच एजेंसी आरोपी के खिलाफ लंबित मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
ED की जांच में क्या सामने आया?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क के माध्यम से बड़ी रकम का अवैध लेनदेन होने का आरोप है।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी। आरोपी का प्रत्यर्पण दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
महादेव बेटिंग ऐप केस: आगे क्या होगा?
CBI ने आरोपी को रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है।
अदालत के आदेश के आधार पर आगे की पूछताछ और न्यायिक कार्यवाही तय होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: महादेव बेटिंग ऐप मामले में किसका प्रत्यर्पण हुआ?
उत्तर: आरोपी प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का ओमान से भारत प्रत्यर्पण हुआ है।
प्रश्न 2: इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
उत्तर: CBI आपराधिक मामलों की जांच कर रही है, जबकि ED कथित धनशोधन की जांच कर रहा है।
प्रश्न 3: क्या आरोपी दोषी साबित हो चुका है?
उत्तर: नहीं। आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित अदालत करेगी।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
