केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India Education Services भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं।
India Education Services नई दिल्ली में आयोजित “विकसित भारत 2047 के लिए उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण” विषय पर कुलपति सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर सकते हैं। साथ ही शिक्षा सेवाओं के माध्यम से भारत अपने निर्यात को भी बढ़ा सकता है।
पीयूष गोयल ने कुलपतियों को देश के भविष्य का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। छात्रों को वैश्विक सोच, नवाचार और आधुनिक कौशल से जोड़ना समय की मांग है। India Education Services को मजबूत बनाकर भारत दुनिया के हजारों विदेशी छात्रों को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस नीति ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप आगे बढ़ाने का मार्ग खोला है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे अपने पाठ्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वैश्विक बाजार और भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) जैसे विषयों को भी शामिल करें। इससे छात्रों को वैश्विक अवसरों की बेहतर समझ मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि India Education Services को मजबूत किया जाता है, तो भारत शिक्षा क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बन सकता है। इससे विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ेगी, विश्वविद्यालयों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग बेहतर होगी और देश की निर्यात आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
रिपोर्ट: Nitin Kumar | Rashtriya Mission
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. India Education Services क्या है?
यह भारत की शिक्षा सेवाओं को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने और विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की पहल है।
2. पीयूष गोयल ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवाएं भारत की निर्यात आय बढ़ाने और वैश्विक पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
3. NEP 2020 का इसमें क्या योगदान है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और वैश्विक सहयोग बढ़ाने में मदद करती है।
4. शिक्षा निर्यात से भारत को क्या लाभ होगा?
विदेशी छात्र भारत आएंगे, विश्वविद्यालयों की आय बढ़ेगी और देश को विदेशी मुद्रा अर्जित होगी।
