PM Youth Education Vision को केंद्र में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूरु में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, समान अवसर और नवाचार को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश के हर युवा को बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति, मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में उपलब्ध कराने और नवाचार आधारित शिक्षा व्यवस्था को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का युवा आज दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। उन्होंने स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष तकनीक और वैज्ञानिक शोध में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। साथ ही स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
PM Youth Education Vision के तहत उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कौशल, नवाचार और रोजगार से भी जुड़नी चाहिए। उन्होंने खेल, विज्ञान और सामाजिक सेवा को भी युवा विकास का अहम हिस्सा बताया। सरकार का लक्ष्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें हर विद्यार्थी को समान अवसर मिले और वह अपनी क्षमता के अनुसार देश के विकास में योगदान दे सके।
Nitin Kumar | Rashtriya Mission
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. PM Youth Education Vision क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षा, समान अवसर और युवा सशक्तिकरण पर आधारित दृष्टिकोण है।
Q2. प्रधानमंत्री ने मैसूरु में किस विषय पर जोर दिया?
उन्होंने नई शिक्षा नीति, समान अवसर, नवाचार और युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
Q3. मातृभाषा में शिक्षा को क्यों महत्वपूर्ण बताया गया?
ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच मिल सके।
Q4. नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कौशल आधारित, रोजगारोन्मुख और आधुनिक शिक्षा प्रणाली विकसित करना।
