Nitin Kumar | Rashtriya Mission
नई दिल्ली: ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भारत में खेलों की सफलता को केवल मेडल तक सीमित नहीं रखने की बात कही है। Abhinav Bindra Sports Participation को लेकर उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक, खासकर बच्चों को खेल का अनुभव मिलना चाहिए। स्कूलों में ज्यादा बच्चों की भागीदारी भविष्य के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार कर सकती है। IAMGAME Sports Conclave 2026 में बिंद्रा ने कहा कि भारत ने खेलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, अगले चरण में खेलों के पिरामिड का आधार मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए स्कूल स्तर पर Sports Participation बढ़ानी होगी।
स्कूलों में Sports Participation क्यों जरूरी?
अभिनव बिंद्रा के अनुसार बच्चों का खेल से पहला अनुभव बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि यह अनुभव सकारात्मक रहता है, तो बच्चा लंबे समय तक शारीरिक गतिविधियों से जुड़ा रह सकता है। उन्होंने Physical Education Teachers को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और पहचान देने की जरूरत भी बताई। Abhinav Bindra Sports Participation की सोच केवल एलीट खिलाड़ियों को तैयार करने तक सीमित नहीं है। नियमित खेल बच्चों के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और अनुशासन को भी बेहतर बना सकते हैं। बिंद्रा ने अभिभावकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने जीत और हार से अलग उन्हें हमेशा समान समर्थन दिया। उनके मुताबिक बच्चों पर जीत का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देना चाहिए।
FAQ
सवाल: अभिनव बिंद्रा ने खेलों को लेकर क्या कहा?
जवाब: उन्होंने हर भारतीय को खेल से जोड़ने और स्कूल स्तर पर भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।
सवाल: स्कूलों में खेल बढ़ाने से क्या फायदा होगा?
जवाब: इससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और भविष्य के एलीट खिलाड़ियों के लिए मजबूत प्रतिभा पूल तैयार हो सकता है।
