राजधानी दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एक निजी निगरानी रिपोर्ट में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 605 तक पहुंचने का दावा किया गया है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक AQI से अलग हो सकता है।
दिल्ली वायु प्रदूषण: निजी और सरकारी AQI में अंतर
भारत में CPCB के अनुसार AQI 401 से 500 के बीच होने पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में आती है। वहीं, कुछ निजी निगरानी प्लेटफॉर्म अलग मानकों और सेंसर का इस्तेमाल करते हैं।
इसलिए निजी रिपोर्ट में AQI 605 दिखने का अर्थ यह नहीं है कि दिल्ली का आधिकारिक AQI भी इसी स्तर पर पहुंच गया है।
प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण
दिल्ली में वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा, सर्दियों में धीमी हवा और मौसम की परिस्थितियां प्रदूषकों को वातावरण में रोक सकती हैं।
बढ़ते प्रदूषण से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी मरीजों को अधिक परेशानी हो सकती है।
दिल्ली वायु प्रदूषण से बचाव कैसे करें?
नागरिकों को बाहर निकलने से पहले आधिकारिक AQI जांचना चाहिए।
गंभीर प्रदूषण के दौरान बाहरी व्यायाम सीमित रखें। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या दिल्ली का AQI 605 पहुंच गया है?
उत्तर: निजी रिपोर्ट में ऐसा दावा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रश्न 2: दिल्ली का सही AQI कहां देखें?
उत्तर: CPCB के आधिकारिक एयर क्वालिटी पोर्टल पर।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
