भारत का संगठित रिटेल रियल एस्टेट सेक्टर लगातार मजबूती दिखा रहा है। Retail Leasing Growth India ने साल 2026 की पहली छमाही (H1 2026) में 20 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त दर्ज की है। इस दौरान देशभर में लगभग 3.9 मिलियन वर्ग फुट रिटेल स्पेस लीज पर लिया गया। आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद फैशन एवं अपैरल ब्रांड्स ने विस्तार जारी रखा, जिससे बाजार को नई गति मिली।
रिपोर्ट के अनुसार फैशन और अपैरल सेक्टर का कुल रिटेल लीजिंग में लगभग 40 प्रतिशत योगदान रहा। इसके बाद फूड एंड बेवरेज, एंटरटेनमेंट, ज्वेलरी और होमवेयर सेक्टर ने भी अच्छी हिस्सेदारी दर्ज की। दिल्ली-एनसीआर में करीब 0.9 मिलियन वर्ग फुट नया रिटेल स्पेस शुरू हुआ, जिससे नए ब्रांड्स को विस्तार का अवसर मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क, रिंग रोड, आधुनिक मॉल और मिश्रित उपयोग (Mixed-use) परियोजनाएं आने वाले समय में Retail Leasing Growth India को और मजबूती देंगी। घरेलू रिटेलर्स ने कुल लीजिंग गतिविधि में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान दिया, जबकि D2C ब्रांड्स की हिस्सेदारी लगभग 28 प्रतिशत रही। चंडीगढ़, जयपुर और कोच्चि जैसे उभरते शहरों में भी फैशन ब्रांड्स तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
Nitin KuRetail Leasing Growth Indiamar | Rashtriya Mission के अनुसार भारत का संगठित रिटेल बाजार आने वाले वर्षों में निवेशकों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।
FAQ (हिंदी)
Q1. Retail Leasing Growth India क्या है?
यह भारत में रिटेल स्पेस की लीजिंग गतिविधियों में होने वाली वृद्धि को दर्शाता है।
Q2. H1 2026 में रिटेल लीजिंग कितनी बढ़ी?
पहली छमाही में लगभग 20% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
Q3. सबसे अधिक योगदान किस सेक्टर का रहा?
फैशन और अपैरल सेक्टर ने लगभग 40% हिस्सेदारी के साथ सबसे अधिक योगदान दिया।
