Chamoli Tunnel Accident NDRF SDRF Rescue Operationचमोली सुरंग हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान में जुटी NDRF-SDRF की टीमें।

Nitin Kumar | Rashtriya Mission

उत्तराखंड के चमोली जिले में Chamoli Tunnel Accident के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पिपलकोटी क्षेत्र के मायापुर के पास विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस गया। हादसे के समय सुरंग के अंदर 22 श्रमिक मौजूद थे। घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तीन श्रमिकों की तलाश जारी है। NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। सुरंग के अंदर पानी और मलबा जमा होने के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, श्रमिक सुरंग में खुदाई का काम कर रहे थे। तभी तेज आवाज सुनाई दी और इसके बाद पानी व मलबे का तेज बहाव अंदर आ गया। हादसे का सही कारण विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा।घायल श्रमिकों को पिपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल पहुंचाया गया। छह एंबुलेंस भी राहत अभियान में लगाई गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित एजेंसियों को तेजी से बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। यह सुरंग 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। Chamoli Tunnel Accident के बाद सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भूगर्भीय जोखिमों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।

FAQ

सवाल: Chamoli Tunnel Accident में कितने श्रमिक फंसे थे?
जवाब: हादसे के समय सुरंग के अंदर कुल 22 श्रमिक फंसे थे।

सवाल: बचाव अभियान कौन चला रहा है?
जवाब: NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं।

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