नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026। राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण गतिविधियों पर सख्ती की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली-NCR निर्माण प्रतिबंध के तहत 5 से 20 नवंबर तक धूल फैलाने वाले बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश हैं।
इस कदम का उद्देश्य वातावरण में धूल के कणों को कम करना और लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाना है।
दिल्ली-NCR निर्माण प्रतिबंध से किन शहरों पर असर?
निर्माण गतिविधियों से जुड़े प्रतिबंध का असर दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी पड़ सकता है।
खुले स्थानों पर निर्माण, इमारतों को तोड़ने और धूल फैलाने वाली अन्य गतिविधियों पर सख्ती रहेगी। हालांकि, सभी निर्माण कार्यों पर एक समान रोक नहीं है।
जरूरी परियोजनाओं को मिलेगी छूट
निर्देशों के अनुसार, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, जलापूर्ति और राष्ट्रीय महत्व की कुछ आवश्यक परियोजनाओं को छूट दी जा सकती है।
हालांकि, छूट प्राप्त परियोजनाओं को भी धूल नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
प्रशासन की संबंधित एजेंसियां निर्माण स्थलों की निगरानी करेंगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर रोक कब तक रहेगी?
उत्तर: उपलब्ध सूचना के अनुसार, प्रतिबंध की अवधि 5 से 20 नवंबर 2026 बताई गई है।
प्रश्न 2: क्या सभी निर्माण परियोजनाएं बंद रहेंगी?
उत्तर: नहीं, निर्धारित आवश्यक परियोजनाओं को नियमों के तहत छूट मिल सकती है।
प्रश्न 3: क्या गाजियाबाद और नोएडा में भी प्रतिबंध लागू होगा?
उत्तर: पूरे NCR के लिए जारी निर्देश इन शहरों पर भी लागू होंगे।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
