Nitin Kumar | Rashtriya Mission
चंडीगढ़। Haryana Rice Millers ने कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की वापसी के लिए सरकार से 30 अक्टूबर तक अतिरिक्त समय देने की मांग की है। राइस मिलर्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर CMR, बोनस और लंबित भुगतान से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखे। प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, हरियाणा की राइस मिलों में करीब 6.69 लाख मीट्रिक टन चावल वापसी के इंतजार में है। मिलर्स का कहना है कि FCI की ओर से चावल लेने की प्रक्रिया रुकने के कारण स्टॉक मिलों में पड़ा है। इसलिए एसोसिएशन ने जल्द नया शेड्यूल जारी कराने और चावल वापसी शुरू करने की मांग की।
Haryana Rice Millers ने उठाया धान कोटे का मुद्दा
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य करीब 55 लाख मीट्रिक टन था। हालांकि खरीद लगभग 62 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई। ऐसे में Haryana Rice Millers ने सरकार से कोटा वास्तविक खरीद के अनुसार तय कराने की मांग की है। बैठक में पिछले वर्ष और मौजूदा वर्ष के बोनस का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा परिवहन, क्रेट, तिरपाल, मरम्मत और लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग रखी गई।
एसोसिएशन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है। वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने भी केंद्र सरकार से बातचीत जारी रहने की बात कही। अब मिलर्स को CMR वापसी पर जल्द फैसले का इंतजार है।
FAQ
Haryana Rice Millers की मुख्य मांग क्या है?
राइस मिलर्स CMR चावल वापसी के लिए 30 अक्टूबर तक समय और FCI से नया शेड्यूल चाहते हैं।
मिलों में कितना चावल वापसी के इंतजार में है?
एसोसिएशन के मुताबिक करीब 6.69 लाख मीट्रिक टन चावल मिलों में वापसी के इंतजार में है।
राइस मिलर्स ने और कौन से मुद्दे उठाए?
बोनस, परिवहन, क्रेट-तिरपाल किराया, मरम्मत और लोडिंग-अनलोडिंग के लंबित भुगतान की मांग भी रखी गई।
