NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
हरियाणा के जींद जिले में सफीदों जमीन धोखाधड़ी मामला सामने आया है। सफीदों निवासी विक्रम ने आरोप लगाया है कि जमीन का सौदा करने के बाद पांच लाख रुपये देने के बावजूद उसकी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरोप है कि संबंधित जमीन बाद में विक्रेता ने अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर कर दी। शिकायत के आधार पर सदर थाना सफीदों पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांच लाख रुपये देकर किया था इकरारनामा
विक्रम के अनुसार, उसने गांव खेड़ा खेमावती निवासी रोशन से 30 जनवरी 2025 को जमीन का सौदा किया था। उसने पांच लाख रुपये देकर इकरारनामा कराया। बाकी रकम रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी। शिकायत के मुताबिक, रजिस्ट्री के लिए करीब 11 महीने का समय दिया गया। इस दौरान रोशन ने जमीन के बंटवारे का मामला अदालत में लंबित होने की बात कही। जुलाई 2025 में हिस्से से जुड़ा फैसला आने के बाद भी कथित तौर पर रजिस्ट्री नहीं हुई।
सफीदों जमीन धोखाधड़ी मामला: पत्नी के नाम ट्रांसफर का आरोप
विक्रम का आरोप है कि जनवरी 2026 में रजिस्ट्री कराने के लिए संपर्क करने पर उसे लगातार टाला गया। बाद में जानकारी मिली कि जमीन रोशन की पत्नी सुमन के नाम ट्रांसफर हो चुकी है। शिकायतकर्ता ने रुपये वापस मांगने और रजिस्ट्री कराने की बात कही। आरोप है कि इससे इनकार करते हुए उसे धमकी भी दी गई। जांच अधिकारी एएसआई महेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस ने रोशन और सुमन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी।
FAQ
सफीदों जमीन धोखाधड़ी मामले में कितनी रकम का आरोप है?
शिकायतकर्ता ने पांच लाख रुपये देने का दावा किया है।
पुलिस ने किसके खिलाफ मामला दर्ज किया है?
शिकायत के आधार पर रोशन और उसकी पत्नी सुमन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
क्या आरोप साबित हो गए हैं?
नहीं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
