अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के मुख्यालय की तस्वीर, जो ICC US Sanctions और अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े विवाद को दर्शाती है।ICC US Sanctions के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने जताया कड़ा विरोध

Nitin Kumar | Rashtriya Mission

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने अमेरिकी प्रशासन की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों पर कड़ा विरोध जताया है। ICC US Sanctions के तहत कोर्ट की अध्यक्ष और जापान की न्यायाधीश टोमोको अकाने तथा अभियोजक कार्यालय के वरिष्ठ ट्रायल वकील अब्दुलाये सेये को प्रतिबंधों के दायरे में रखा गया है। ICC ने अपने आधिकारिक बयान में इन प्रतिबंधों को स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था पर हमला बताया। कोर्ट के अनुसार, न्यायाधीशों, अभियोजकों और कर्मचारियों को उनके कानूनी दायित्व निभाने के कारण निशाना बनाना कानून के शासन को कमजोर कर सकता है।

ICC US Sanctions के दायरे में कितने अधिकारी?

ICC के मुताबिक, अब उसके 18 न्यायाधीशों में से नौ अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में हैं। इसके अलावा दोनों डिप्टी प्रॉसिक्यूटर, पूर्व प्रॉसिक्यूटर और एक स्टाफ सदस्य पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी कार्रवाई से उन पीड़ितों की न्याय तक पहुंच भी प्रभावित हो सकती है, जो अन्य कानूनी रास्ते समाप्त होने के बाद ICC की ओर देखते हैं। हालांकि, ICC US Sanctions के बावजूद कोर्ट ने अपना काम जारी रखने की बात कही है। ICC का कहना है कि वह Rome Statute के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने दायित्व निभाता रहेगा। साथ ही कोर्ट ने सदस्य देशों और नागरिक समाज से मिल रहे समर्थन की सराहना की है।

FAQ

सवाल: ICC ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या कहा?
जवाब: ICC ने इन्हें न्यायिक स्वतंत्रता और कानून के शासन के लिए खतरा बताया है।

सवाल: क्या प्रतिबंधों के बाद ICC अपना काम रोकेगा?
जवाब: नहीं। कोर्ट ने कहा है कि वह Rome Statute के तहत अपना काम जारी रखेगा।

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