दिल्ली-एनसीआर का रियल एस्टेट बाजार तेजी से बदल रहा है और Noida Property Price Rise अब निवेशकों और घर खरीदारों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। पिछले पांच वर्षों में नोएडा की संपत्ति कीमतों में लगभग 111 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों को भी पीछे छोड़ दिया है।
रियल एस्टेट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में नोएडा में औसत आवासीय संपत्ति की कीमत करीब 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, जो 2026 में बढ़कर लगभग 10,780 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेज वृद्धि के पीछे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, विस्तारित मेट्रो नेटवर्क, नए एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं की बड़ी भूमिका रही है।
जहां बेंगलुरु में इसी अवधि के दौरान करीब 66 प्रतिशत और गुरुग्राम में लगभग 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं Noida Property Price Rise सबसे अधिक रहा। इससे उन निवेशकों को बड़ा लाभ मिला जिन्होंने कुछ वर्ष पहले नोएडा में निवेश किया था।
रियल एस्टेट डेवलपर्स का कहना है कि अब नोएडा केवल किफायती आवास का शहर नहीं रहा। यहां प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की मांग भी लगातार बढ़ रही है। सेक्टर-150, नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के आसपास के इलाके निवेशकों और एंड-यूजर्स दोनों को आकर्षित कर रहे हैं।
Nitin Kumar | Rashtriya Mission के अनुसार, यदि मौजूदा विकास परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में भी नोएडा का रियल एस्टेट बाजार मजबूत बना रह सकता है और संपत्ति की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
FAQ
प्रश्न 1: नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमत कितनी बढ़ी है?
उत्तर: वर्ष 2019 से 2026 के बीच करीब 111 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रश्न 2: नोएडा में कीमतें बढ़ने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
उत्तर: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रमुख कारण हैं।
प्रश्न 3: क्या अभी नोएडा में निवेश करना सही रहेगा?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती मांग के कारण नोएडा भविष्य के लिए आकर्षक निवेश बाजार बना हुआ है।
