नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। राजधानी में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंचने की रिपोर्ट है। IIT दिल्ली क्षेत्र में AQI 442 तक दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि और रिकॉर्डिंग का समय स्पष्ट नहीं है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण से बढ़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंता
दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खराब हवा से आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में हवा की धीमी गति और तापमान में बदलाव प्रदूषक कणों को वातावरण में रोक सकते हैं। इसके अलावा, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और अन्य उत्सर्जन भी प्रदूषण बढ़ाते हैं।
AQI 400 पार होने का क्या मतलब है?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार, 401 से 500 तक AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
इस स्तर पर स्वस्थ व्यक्तियों को भी सांस संबंधी परेशानी हो सकती है।
लोगों को अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: दिल्ली में AQI 400 पार होने का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका मतलब हवा गंभीर प्रदूषण श्रेणी में है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
प्रश्न 2: प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
उत्तर: बाहरी व्यायाम सीमित करें, प्रदूषण की आधिकारिक जानकारी देखें और सांस की समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION
