Saudi Arabia में हूती हमलों से तनाव, तेल सप्लाई पर बढ़ी चिंता

Saudi Arabia Houthi Attack और Red Sea संकट से जुड़ी प्रतिनिधि तस्वीर, जिसमें तेल सप्लाई और क्षेत्रीय तनाव को दर्शाया गया है।Saudi Arabia में हूती हमलों और तेल सप्लाई संकट के बीच बढ़ा मध्य पूर्व तनाव।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Saudi Arabia Houthi Attack ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यमन के हूती समूह ने Saudi Arabia के दक्षिणी हिस्से में मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। इसके बाद कई क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए।

Saudi Arabia Houthi Attack से तेल सप्लाई पर दबाव

तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब Saudi Arabia की महत्वपूर्ण East-West Pipeline पहले ही हमले के बाद बंद है। यह पाइपलाइन तेल को Red Sea के Yanbu पोर्ट तक पहुंचाती है और Strait of Hormuz का विकल्प मानी जाती है। लंबे समय तक इसका संचालन बाधित रहने पर वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 4 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित होने का जोखिम बताया गया है।

इसी बीच हूती लड़ाकों ने यमन के Red Sea तट पर अपनी स्थिति मजबूत की है। Bab el-Mandeb के आसपास बढ़ता तनाव भी समुद्री व्यापार के लिए चिंता का कारण बना है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हुई है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक 15 सितंबर की रिपोर्ट में सोमवार को केवल चार commodity vessels के इस मार्ग से गुजरने की जानकारी दी गई। युद्ध से पहले औसतन करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज प्रतिदिन यहां से गुजरते थे।

तेल बाजार ने भी इस संकट पर प्रतिक्रिया दी। 15 सितंबर को Brent crude $108.75 प्रति बैरल पर बंद हुआ।

NITIN KUMAR | RASHTRIYA MISSION

FAQ

सवाल: Saudi Arabia Houthi Attack से तेल सप्लाई पर असर क्यों पड़ सकता है?
जवाब: East-West Pipeline, Yanbu और Red Sea shipping routes में बाधा लंबी चली तो Saudi Arabia के तेल निर्यात पर दबाव बढ़ सकता है।

सवाल: Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
जवाब: यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग है और क्षेत्रीय तनाव के दौरान इसकी सुरक्षा सीधे तेल बाजार को प्रभावित करती है।

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